Press "Enter" to skip to content

दिल्ली नगर निगम के चुनाव में दिल्ली के व्यापारी भाजपा का ज़ोरदार समर्थन करेंगे और एकमुश्त वोट देंगे

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के 4 दिसंबर को होने वाले चुनाव देश की राजधानी दिल्ली के भविष्य के स्वरूप को तय करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित होंगे वहीं दिल्ली के विकास और आर्थिक गतिविधियों में दिल्ली के व्यापारी वर्ग की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और इस वजह से दिल्ली के चुनावों में व्यापारी मूक दर्शक की तरह नहीं रह सकते- यह कहते हुए दिल्ली और देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने दिल्ली के सभी भागों के प्रमुख व्यापारी संगठनों एवं असरदार व्यापारी नेताओं से विस्तार से चर्चा करने के बाद यह निर्णय लिया है की दिल्ली नगर निगम के आगामी चुनावों में दिल्ली के व्यापारी भारतीय जनता पार्टी का प्रचंड समर्थन करेंगे और वोट भी देंगे।चुनाव के बचे हुए दो दिनों में दिल्ली के स्थानीय व्यापारी संगठनों के अंतर्गत आने वाले दुकानदार अपनी दुकान पर आने वाले प्रत्येक ग्राहक को भाजपा को वोट देने का आग्रह करेंगे । कैट ने इसे “ व्हिस्प्रिंग कैंपेन “का नाम दिया है जो बेहद असरदार साबित होता है ।

आज नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल एवं कैट के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री विपिन आहूजा एवं प्रदेश महामंत्रियों श्री देवराज बवेज़ा, आशीष ग्रोवर एवं सतेंद्र वधवा ने संयुक्त रूप से भाजपा को समर्थन देने की घोषणा करते हुए कहा की पिछले अनेक वर्षों में विभिन्न व्यापारी मुद्दों पर भाजपा ने खुलकर व्यापारियों को सहयोग दिया है तथा निगम चुनावों के लिए व्यापारियों के लिए जारी 10 सूत्री संकल्प पत्र में दिल्ली के व्यापारियों के ज्वलंत विषयों का समाधान करने का संकल्प लिया है , जो
वर्तमान में व्यापारियों की सबसे बड़ी ज़रूरत है ।प्रेस कांफ्रेंस में दिल्ली के 50 से अधिक व्यापारिक संगठनों के प्रमुख व्यापारी नेता भी शामिल हुए और एक स्वर से भाजपा के समर्थन की घोषणा की ।
श्री खंडेलवाल सहित अन्य नेताओं ने कहा की अभी दो दिन पूर्व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप पुरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप दिल्ली के लोगों को दोगुना फ्लोर एरिया रेश्यो ( एफ़एआर) देने का संकल्प दोहराया है जिससे बड़ी मात्रा में दिल्ली के लोगों कि आवास समस्या का समाधान हो सकेगा। व्यापारी नेताओं ने कहा की इस एफ़एआर का लाभ दिल्ली की सभी संपत्तियों को मिलना चाहिए तथा ख़ास तौर पर कोआपरेटिव हाउसिंग एवं डीडीए सोसायटियों को जिन्होंने एक लंबे समय से दिल्ली की आवास समस्या को काफ़ी हद तक सम्भाला है और डबल एफ़एआर मिलने से ऐसी सभी हाउसिंग सोसायटियों के ज़रिए दिल्ली के लोगों की आवास की ज़रूरतों की पूर्ति हो सकेगी।उन्होंने यह भी कहा की केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 से नेशनल कैपिटल टेरिटरी ( विशेष प्रावधान) क़ानून के ज़रिए दिल्ली के एक बड़े हिस्से को सीलिंग से लगातार बचाया गया है और फ़िलहाल 31 दिसंबर 2023 यह क़ानून लागू रहेगा ।उम्मीद है कि इससे पहले सीलिंग के मामले का स्थायी समाधान निकाला जा सकेगा तथा दिल्ली के व्यापारियों को एक एमनेस्टी स्कीम मिल सकेगी। इसी तरह से डीडीए, नगर निगम या अन्य सरकारी एजेंसियों ने कमर्शियल आधार पर जो संपत्तियाँ दी हैं, उनको भी पार्किंग एवं कन्वर्जन शुल्क से मुक्त किया जाए ।

व्यापारी नेताओं ने कहा की दिल्ली में व्यापारियों ने हज़ारों करोड़ रुपये पार्किंग एवं कन्वर्जन शुल्क के रूप में दिए हैं इसलिए निगम द्वारा अब प्राथमिकता के आधार पर पर्याप्त मात्रा में दिल्ली में पार्किंग स्थल बनाए जाएँ। पुरानी दिल्ली क्योंकि मुग़लों के जमाने का बाज़ार है , लिहाज़ा पुरानी दिल्ली को पार्किंग और कन्वर्जन शुल्क से मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाये जाएँगे, ऐसी आशा है।
निगम द्वारा व्यापारियों से अनेक प्रकार के ग़ैर ज़रूरी कर लिए जा रहे हैं , ऐसे सभी करों की समीक्षा के लिए व्यापारियों के साथ एक संयुक्त उच्च समिति बनाई जाए जो निगम का राजस्व में किस प्रकार से वृद्धि हो तथा व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ भी न पड़े तथा इस पर समिति एक तय समय सीमा में अपने सुझाव दें।दिल्ली के वर्तमान बाज़ारों की हालत बेहद ख़राब है ।सभी बाज़ारों में सार्वजनिक सुविधाएँ, सफ़ाई एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस के अंतर्गत निगम के प्रत्येक वार्ड में स्थानीय व्यापारी एसोसियेशन एवं रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक वार्ड कमेटी का भी गठन हो जो उस वार्ड में निगम के कार्यों पर विशेष ध्यान रखें । 20 वर्गमीटर की दुकानों को 50 वर्गमीटर करने की अनुमति दी जाये । दिल्ली सरकार तुरंत 371 सड़कों को पारित करने की दिशा में तुरंत कदम उठाये जाएँ । यह मुद्दा दिल्ली सरकार के पास एक लंबे समय से लंबित है ।

श्री खंडेलवाल एवं अन्य व्यापारी नेताओं ने कहा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को ख्याति दिलाने तथा पिछले वर्षों में कैट द्वारा उठाये गए विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा समाधान की दिशा में की गई त्वरित कारवाई तथा केंद्र सरकार के अन्य मंत्रियों द्वारा समय-समय पर व्यापारी समस्याओं के समाधान से यह स्पष्ट है की केवल भाजपा ही व्यापारियों के हितों का संरक्षण कर सकती है और इसीलिए निगम चुनावों में व्यापारियों ने भाजपा को विजयी बनाने का निर्णय लिया है जिससे दिल्ली के व्यापारियों की समस्याओं पर नगर निगम केंद्र सरकार के साथ तालमेल रखते हुए तुरंत सीलिंग सहित अन्य मुद्दों का स्थायी हल निकालेगी जिसका वचन भाजपा ने अपने 10 सूत्रीय संकल्प में भी लिया हुआ है ।

प्रेस कांफ्रेंस में शामिल सभी व्यापारी नेताओं ने कहा की दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्व में दिल्ली के 5 प्रमुख बाज़ारों के रि-डेवलपमेंट एवं सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी किंतु 5 महीने बीत जाने की बाद भी आज तक एक कदम भी नहीं उठाया गया वहीं दिल्ली में शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करने की भी घोषणा की गई थी लेकिन उस घोषणा का भी कुछ अता पता तक नहीं।दिल्ली का व्यापार केवल घोषणाओं से नहीं चल सकता ।

दिल्ली की सारी आर्थिक गतिविधियों का केंद्र व्यापार ही है और दिल्ली में मौटे तौर पर छोटे -बड़े, सूक्ष्म, लघु तथा हर बाज़ार और रिहायशी कॉलोनियों में नुक्कड़ की दुकानें होती हैं ।दिल्ली में ऐसे लगभग 12 लाख व्यापारी प्रतिष्ठान हैं जिनके यदि माता – पिता अथवा व्यस्क बच्चों को जोड़ा जाए तो कम से कम 12 लाख लोग इस संख्या में जुड़ेंगे ।दिल्ली में व्यापारी लगभग 25 लाख लोगों को रोज़गार देते हैं और यदि इस संख्या को जोड़ा जाए तो यह अपने आप में एक बड़ा वोट बैंक हो जाता है जो चुनाव के परिणाम बदलने की भी ताक़त रखता है ।