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निगम चुनावों के कारण दिल्ली के व्यापारियों को चुनाव सामग्री की बिक्री का मिला 100 करोड़ का व्यापार

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के चुनावों की वजह से एक बार फिर दिल्ली में चुनावी सामग्री बनाने और बेचने वाले व्यापारियों को एक बड़ा व्यापार मिल रहा है ! हालाकिं पिछले अनेक चुनावों से सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार बढ़ता ही जा रहा है जो सीधा मतदाता तक पहुँचता हैं किन्तु शहर भर में चुनाव का माहौल बनाने के लिए आउटडोर प्रचार सामग्री की महवतत्ता से इंकार नहीं किया जा सकता – यह कहते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की एक मौटे अनुमान के मुताबिक दिल्ली नगर निगम के चुनावों की वजह से दिल्ली में 4 दिसंबर तक लगभग 100 करोड़ रुपये का चुनाव सामग्री सामान की बिक्री होने की सम्भावना है ! वहीँ दूसरी ओर ढोल वाले तथा फूल विक्रेताओं को भी चुनाव के जरिये एक बड़ा अतिरिक्त व्यापार मिला है ! इसके अलावा पैम्फलेट एवं उनकी प्रिंटिंग तथा सोशल मीडिया के जरिये होने वाले प्रचार का खर्च अलग है !

श्री खंडेलवाल ने बताया की पहले चुनावों में बैनर, पोस्टर होर्डिंग आदि की भरमार रहती थी किन्तु पाबंदियां लगने के बाद अब चुनाव सामग्री में मूल रूप से चुनाव चिन्ह से युक्त झंडे, टोपी, कॉटन या साटन के पटके, विभिन्न प्रकार के बिल्ले, मफलर, टी शर्ट, महिलाओं की बिंदी, हाथ के चूड़े आदि की मांग ज्यादा होती दिखाई देती हैं ! जहाँ राजनैतिक दल भी सीधे यह सामान खरीदते हैं वहीँ विभिन्न दलों के प्रत्याशी तो सामान खरीदते ही हैं और अब तो बड़ी संख्यां में निर्दलीय प्रत्याशी भी बड़ी मात्रा में चुनाव सामग्री खरीदने में पीछे नहीं रहते ! जिस दल अथवा प्रत्याशी की जितनी सामग्री अपने वार्ड में दिखाई देगी उतना ज्यादा उसका जोर है, यह माना जाता है !

कैट के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री विपिन आहूजा तथा प्रदेश महामंत्री एवं सदर बाजार के व्यापारी संगठनों की कॉन्फ़ेडरेशन के अध्यक्ष श्री देवराज बवेजा ने बताया की दिल्ली का प्राचीनतम बाजार, सदर बाजार सभी प्रकार की चुनाव प्रचार सामग्री का देश का सबसे बड़ा व्यापारिक वितरण केंद्र है जहाँ से न केवल दिल्ली में बल्कि देश के प्रत्येक राज्य में जहाँ भी चुनाव होते हैं, दिल्ली के सदर बाजार से चुनाव सामग्री बड़ी मात्रा में भेजी जाती हैं ! सदर बाजार के व्यापारियों को चुनाव प्रचार सामग्री की मांग तथा उसके अनुरूप माल तैयार रखना अथवा आर्डर पर तैयार करवाना तथा उसकी समय पर डिलीवरी देने का एक लम्बा अनुभव है ! चुनावों की घोषणा होते ही बड़ी संख्यां में व्यापारी पहले से ही काफी सामान तैयार रखते हैं जिन पर केवल मांग के अनुसार राजनैतिक दल का चुनाव चिन्ह ही लगाना पड़ता है ! बहुत से आइटम तो चुनाव चिन्ह छपे पहले से ही तैयार रहते हैं ! किसी भी चुनाव में चुनाव सामग्री का अपना एक बड़ा अहम् रोल हैं !